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वरिष्ठ अभिनेता मनोज कुमार को मिलेगा दादा साहब फाल्के अवॉर्ड

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बॉलीवुड के वरिष्ठ अभिनेता मनोज कुमार को वर्ष 2015 के लिए दादा साहब फाल्के पुरस्कार दिया जाएगा. यह पुरस्कार भारत सरकार की ओर से फिल्म जगत में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है।

इसमें स्वर्ण कमल, एक शाल और 10 लाख रुपये की नकद राशि शामिल रहती है। इसके लिए एक कमिटी गठि‍त होती है और इनकी वोटिंग के आधार ही विजेता का नाम तय किया जाता है.।

मनोज कुमार ‘शहीद’, ‘पूरब और पश्चिम ‘, ‘धरती कहे पुकार’, ‘क्रांति’ और ‘उपकार’ जैसी फिल्मों के जरिए लोगों में राष्ट्रभक्ति की भावना जगाने वाले अभिनेताओं में से एक हैं. उनकी इन फिल्मों के आधार पर उन्हें ‘भारत कुमार’ के नाम से जाना जाता है. मनोज कुमार को उनके अभिनय की खास शैली और संवाद अदायगी के लिए भी याद किया जाता है.।

 

मटर के साथ हो कुछ तीखा तो कुछ मीठा

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मटर की बर्फीgreen peas burfi2

सामग्री – 200 ग्राम हरे मटर के दाने, दो कप दूध, 250 ग्राम मावा, 100 ग्राम पिसी शक्कर, 10-10 दाने पिस्ता, पांच काजू कटे हुए, दो चम्‍मच शुद्ध घी।

विधि – मटर के दानों को दूध में उबाल कर पीस लें। अब एक कड़ाही में मावा डालकर भून लें। अब इसमें पिसी मटर व शकर मिला लें। आवश्यकतानुसार थोड़ा घी में डाल सकते हैं। एक थाली में घी की चिकनाई लगाकर मटर व मावे के मिश्रण को डालकर फैला दें और इसके ऊपर पिस्ता एवं काजू के टुकड़े लगा दें। चाकू से बर्फी को एक ही साइज में काटकर ठंडा होने दें। अब बर्फी निकालकर सर्व करें। यह बहुत स्वादिष्ट एवं पौष्टिक लगती है।

 

 मेथी मटर मलाईMethi-Matar-Malai-10-680x577

 

विधि – 250 ग्राम मेथी, एक कटोरी हरे मटर, आधा कटोरी मलाई, दो चम्‍मच तेल, आधा चम्‍मच जीरा, आधा चम्‍मच मेथीदाना, चुटकीभर हींग, दो बड़े प्याज व टमाटर बारीक कटे हुए, एक चम्‍म्‍च अदरक-लहसुन का पेस्ट, 3-4 हरी मिर्च, आधा धनिया पाउडर, आधा चम्‍म्‍च गरम मसाला, नमक स्वादानुसार।

विधि – मेथी की पत्तियों को धोकर मटर के साथ एक ग्लास पानी के साथ 5 मिनट तक पकाएं। कड़ाही में तेल गरम करके हींग, जीरा और मैथी दाना डालकर तड़का लीजिए। फिर इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट, हरी मिर्च डालकर दो मिनट तक भून लें। फिर प्याज डालें और जब प्याज सुनहरी होने लगे तो कटे टमाटर और सारे मसाले डालकर पकाएं। स्वाद के लिए चुटकी भर चीनी भी डाल सकते हैं। अब इसमें मलाई डालकर अच्छी तरह से मिक्स करें और मेथी व मटर भी मिला दें। नमक डालकर एकसार कर लें और 5 मिनट के लिए ढंक दें। एक बोल में निकालकर हरे धनिए की पत्ती से गार्निश करें।

 पांच राज्यों में चुनाव का ऐलान, बंगाल में कई चरणों में मतदान

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देश के पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है। बंगाल में 6 चरणों  में मतदान होगा। पहले चरण में 4 अप्रैल को 65 सीटों पर चुनाव होंगे. जबकि 11 अप्रैल को 61 सीटों पर वोटिंग होगी. मुख्य चुनाव आयुक्त नसीम जैदी ने बताया कि पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी की कुल 824 विधानसभा सीटों पर चुनावों के लिए आचार संहिता लागू हो गई है।

उन्होंने कहा कि विकलांग मतदाताओं के लिए पोलिंग बूथ पर रैंप बनाए जाएंगे। सभी पोलिंग बूथों में मॉडल सुविधाएं होंगी. मतदाताओं की सुविधा के लिए ईवीएम में नोटा का चिन्ह दिया जाएगा साथ ही उम्मीदवारों के नाम के आगे उनकी फोटो भी रहेगी. उन्होने कहा कि चुनाव आयोग पेड न्यूज पर भी नजर रखेगा।

चुनावों के दौरान सुरक्षा के मुद्दे पर जैदी ने कहा कि सभी राज्यों को पर्याप्त सुरक्षा दी जाएगी। हर जिले में पांच केंद्रीय पर्यवेक्षक होंगे। असम और पश्चिम बंगाल के पोलिंग स्टेशनों में केंद्रीय बल सुरक्षा में तैनात होंगे. इसके साथ ही चुनावों के दौरान किसी तरह की गड़बड़ी रोकने के लिए लंबे समय से तैनात अधिकारियों के तबादले किए जाएंगे।

असम में दो चरणों में 4 और 11 अप्रैल को वोटिंग होगी. जबकि पश्चिम बंगाल में छह चरणों में वोटिंग होगी. केरल और तमिलनाडु  में सिर्फ एक चरण में ही वोटिंग होगी.

इन राज्यों में होंगे चुनाव 
केरल की 148, तमिलनाडु में 234, प. बंगाल में 294 पुडुचेरी में 30 और असम में 126 विधानसभा सीटों में चुनाव होने हैं. सभी राज्यों के करीब 17 करोड़ वोटर अपने अधिकार का इस्तेमाल करेंगे.

चुनाव आयोग की तैयारियां पूरी
इससे पहले चुनाव आयुक्त ने संकेत दिया था कि मई से पहले 5 राज्यों में होने वाले चुनाव की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई हैं.

मतदाता सूची का खास अभियान पूरा
मुख्य चुनाव आयुक्त जैदी ने बताया था कि मतदाता सूची में गड़बड़ियों की शिकायत मिली थी. जिसे ठीक करने का काम किया जा रहा है. साथ ही उन्होंने कहा था कि बेहतर मतदाता सूची के लिए चुनाव आयोग का विशेष अभियानपूरा हो गया है.  ने बताया कि पांचों राज्यों से करीब 7 लाख फर्जी मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं.

2011 चुनावों में दलों की स्थिति

पश्चिम बंगाल

दलगत स्थिति कुल: 294/294

पार्टी   परिणाम      जीते/हारे

एआईटीसी    184         +155

कांग्रेस                 42           +21

सीपीएम      40           -136

सीपीआई      2              -6

एनसीपी      0              0

एआईएफबी    11           -12

बीजेपी 0              0

आरएसपी     7              -13

जेएमएम      0              0

एसपी                  1              +1

आरजेडी      0              -1

जेकेपी (एन)   0              -1

अन्‍य                  7              –

 

असम

दलगत स्थिति कुल: 294/294

पार्टी   परिणाम      जीते/हारे

एआईटीसी    184         +155

कांग्रेस                 42           +21

सीपीएम      40           -136

सीपीआई      2              -6

एनसीपी                      0              0

एआईएफबी    11           -12

बीजेपी                 0              0

आरएसपी     7              -13

जेएमएम      0              0

एसपी                  1              +1

आरजेडी                      0              -1

जेकेपी (एन)   0              -1

अन्‍य                  7              -1

 

 

केरल

दलगत स्थिति कुल: 140/140

पार्टी   परिणाम      जीते/हारे

सीपीएम      45           -16

सीपीआई      13           -4

कांग्रेस                 38           +14

एमयूएल      20           +13

केसीएम               9              +2

जेडीएस                 4              -1

जेएसएस      0              -1

सीएमपी      0              0

आरएसपी     2              -1

बीजेपी                 0              0

एनसीपी                      2              +1

अन्‍य                  7              -4

 

 

तमिलनाडु

दलगत स्थिति कुल: 140/140

पार्टी   परिणाम      जीते/हारे

सीपीएम      45           -16

सीपीआई      13           -4

कांग्रेस                 38           +14

एमयूएल      20           +13

केसीएम                      9              +2

जेडीएस                 4              -1

जेएसएस      0              -1

सीएमपी      0              0

आरएसपी     2              -1

बीजेपी                 0              0

एनसीपी               2              +1

अन्‍य                  7              -4

 

पुडुचेरी

दलगत स्थिति कुल: 30/30

पार्टी   परिणाम      जीते/हारे

सीपीआई      0              -1

कांग्रेस                 7              -3

डीएमके                 2              -5

पीएमके                 0              -2

बीजेपी                 0              0

डीएमडीके     0              0

एनआरसी     15           +15

एआईएडीएमके 5              +2

अन्‍य                  1              -3

 

पीठ का भी रखिए जरा ख्याल

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जैसा कि अब बैकलेस चोली, ब्लाउजेज़ और ड्रेसेज़ हर औरत के वॉर्डरोब का ज़रुरी हिस्सा बन चुकी हैं, ऐसे में हमारी पीठ का खूबसूरत दिखना काफी ज़रुरी हो जाता है लेकिन कई बार पीठ अगर अच्छी नहीं दिखती है, तो हमें इन लो-कट आउटफिट्स से ना चाहते हुए भी मुंह मोड़ना पड़ता है। वैसे अब आपको परेशान होने की ज़रुरत नहीं है, कुछ ऐसे तरीके हैं जिसकी मदद से चेहरे की तरह ही पा सकती हैं खूबसूरत पीठ.

आपका ब्यूटी रूटीन एक अच्छे बैक-शियल के बिना अधूरा है. अब आप सोचेंगी कि ये बैक-शियल क्या है? ये कुछ नहीं, बल्कि पीठ का फेशियल है।. इस ट्रीटमेंट में कंधे से लेकर हिप तक, पूरी पीठ की फेशियल की जाती है. इससे आपके पीठ में मौजूद डेड सेल्स खत्म हो जाते हैं. फेशियल के बाद पीठ का मसाज किया जाता है, जिससे ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है। फिर मास्क और मॉइश्चराइज़िमग क्रीम लगाते है।Bollywoods-hottest-actresses-in-a-backless-dress-Aishwarya-Rai

जल्दबाज़ी में हैं तो ऐसे पाएं खूबसूरत पीठ

पार्टी में जाने वाली हैं और आप एक बैकलेस पहनने की सोच रही हैं, तो ऐसे में क्या करें? किसी की मदद से ब्लीच या डीप क्लेनज़िंग मास्क अपनी पीठ पर लगाएं और फिर नहा लें। इससे पलभर में आपकी पीठ में ग्लो आ जाएगा. अगर आपकी स्किन सेंसटिव है और आप ब्लीच कर रही हैं, तो ध्यान रखें कि आपने माइल्ड फॉर्मूले वाला ब्लीच चुना हो.

अपनाएं घरेलू नुस्खे

अगर आपके पास सैलॉन जाने का समय नहीं है, तो आप कुछ घरेलू नुस्खे भी अपना सकती हैं. ऑयल फ्री लोशन या ऐसा बॉडी वॉश जिसमें सैलिसिलिक एसिड मौजूद हो, इस्तेमाल करें. इससे आपकी पीठ पर पिंपल्स की समस्या नहीं होगी. इसकी अलावा, स्मूद और ग्लोइंग पीठ पाने के लिए हल्दी का मास्क भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए बेसन, हल्दी, शहद और दूध को मिलाकर पेस्ट तैयार करें. आप इस पेस्ट की एक पतली लेयर अपनी पीठ पर लगाएं। 20 मिनट बाद इसे धो लें. ये आपकी पीठ की रंगत निखारने के अलावा एक्ने से बचाएगा और वो भी स्किन को ड्राय किए बिना.

मेकअप की लें मदद

मेकप के फायदे लाजवाब हैं. अगर आपको ऊपर बताएं किसी भी ट्रीटमेंट्स के लिए समय नहीं है, तो परेशान ना हो मेकअप की मदद से आप पा सकती हैं बेदाग और ग्लोइंग बैक. शिमर बॉडी लोशन या वॉटर-फ्री फॉउंडेशन लगाएं और फिर सर्कुलर मोशन में ब्रश की मदद से थोड़ा कॉम्पैक्ट पाउडर लगाएं और हो गया आपका काम। है ना आसान!

 

त्रिवेणी संयोग में महाशिवरात्रि, महाकाल भस्मारती का विशेष महत्व

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इस वर्ष शिव योग, सोमवार और घनिष्ठा नक्षत्र के सुखद संयोग में महाशिवरात्रि पर्व 7 मार्च को मनाया जाएगा। यह त्रिवेणी संयोग 54 साल बाद बना है। इसके चलते पर्व पर भगवान शिव की पूजा का खास महत्व बन रहा है।

इंदौर के प्रसिद्ध ज्योतिष पं. श्यामजी बापू के अनुसार चतुर्दशी तिथि सोमवार को दोपहर 1.20 पर लगेगी जो दूसरे दिन 8 मार्च को सुबह 10.33 तक रहेगी। चतुर्दशी रात्रि के समय सोमवार को रहेगी। अतः इसी दिन महाशिवरात्रि मनाना शास्त्र सम्मत है।

सोमवार को शिवयोग रात 8.18 बजे तक रहेगा। घनिष्ठा नक्षत्र भी दिवस पर्यंत रहेगा। चार साल बाद सोमवार को महाशिवरात्रि आई है। इससे उज्जैन के प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर मेंं भी श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ रही है। देश में भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंग में उज्जैन के महाकालेश्वर भी शामिल हैं।

भगवान महाकाल की भस्मारती में शामिल होने देश-विदेश से प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।भस्म आरती के बाद सुबह 6 बजे से दर्शनार्थियों को मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। आइये जानते हैं क्या है भस्मारती का महत्व।

दरअसल भगवान महाकाल के दर्शनों और भस्मारती का अपना विशिष्ट महत्व है। मान्यता है कि महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के दर्शनों से भक्त को अकाल मृत्यु और कष्टों से मुक्ति मिलती है।

धर्मग्रंथों में तो महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग की विविध स्वरूप में महिमा का बखान किया गया है। इसे पृथ्वी पर सर्वाधिक महत्वपूर्ण ज्योतिर्लिंग बताया गया है।

विद्वानों का मत है कि भगवान महाकाल का ज्योतिर्लिंग दक्षिण मुखी है। दक्षिण दिशा का स्वामी यमराज को बताया गया है और महाकाल को पृथ्वी के अधिपति के रूप में भी जाना जाता है।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पंडित अमर डब्‍बावाला के अनुसार अवंतिकानाथ का सनातन धर्म परंपरा में विशिष्ट महत्व है। नाथ संप्रदाय और हिंदू संप्रदाय में ब्रह्म मुहूूर्त में ही भस्मारती का महत्व है। इसी के आधार पर अलसुबह भस्मारती की जाती है। नाभि केंद्र में बसे होने से भी इस मंदिर का विशेष महत्व बताया गया है।

पंडित डब्बावाला के अनुसार यही कारण है कि भस्‍मारती के लिए भक्तों में अधिक उत्साह और श्रद्धा देखी जाती है। उन्होंने बताया कि भस्‍मारती में शामिल होना किसी अलौकिक अनुभव से कम नहीं है। भस्मारती की प्रक्रिया और उसकी आभा शब्दों से परे है। कहते हैं भस्मारती में शामिल होने से जहां भक्तों को कष्टों से मुक्ति मिलती है वहीं उन्हें मानसिक शांति का आभास भी होता है। गृह बाधाएं भी इससे दूर होती हैं। ब्रह्म मुहूर्त में भस्मारती के दौरान दसाें दिशाओं की ऊर्जा और जागृति का अहसास भी महसूस किया जाता है।

 

नंगे पैर प्रैक्टिस करती थी ये ओलिंपियन एथलीट

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जयपुर.2014 इंचियोन एशियन गेम्स में सिल्वर मेडल जीत चुकी खुशबीर कौर नेशनल पैदल चाल कामपिटीशन में हिस्सा लेने जयपुर पहुंची हैं। बता दें कि इस एथलीट के पास कभी जूते तक खरीदने के पैसे नहीं थे। पर उन्होंने कभी हार नहीं मानी।

 मां की हिम्मत ने दिया हौसला

– खुशबीर ने बताया कि मेरी मां ने हमारे लिए क्या नहीं किया।

– पिता (बलकार सिंह) का 2000 में हार्टअटैक से निधन हो गया था। हम पांच भाई-बहन हैं।

– मां (जसवीर कौर) ने हमें कैसे-कैसे पाला है मैं ही जानती हूं।

– अब मैं चाहती हूं कि मां को हर वो खुशी दे पाऊं जिसकी वे हकदार हैं।

– मां की हिम्मत है कि उन्होंने हम तीनों बहनों (हरजीत, करमजीत और मुझे) एथलीट बनाया।

– उन्होंने बताया कि मां के जिद के बाद सबसे पहले मेरी बड़ी बहन हरजीत ने एथलेटिक्स में हिस्सा लेना शुरू किया।

– उसके बाद मैंने पैदल चाल में करियर बनाया और अब मेरी तीसरी बहन करमजीत भी पैदल चाल में हिस्सा ले रही है और जयपुर में आयोजित हो रही प्रतियोगिता से उसके भी ओलिंपिक के लिए क्वालिफाई करने की पूरी उम्मीद है।

कभी बिना जूतों के दौड़ी थी

– शुरू में रनर बनना चाहती थी, लेकिन वॉकिंग ज्यादा पसंद थी। 2007 में स्टेट चैंपियन बनी।

– गांव के आसपास बिना जूतों के ही वाॅक करती थी और मेरी दीदी साइकिल पर मुझे फॉलो करती थी।

– 2008 में जूनियर नेशनल में भी बिना जूते पहने ही दौड़ी थी और सिल्वर मेडल जीता था।

– इसके बाद मेरे कोच पूर्व एशियन चैंपियनशिप पदक विजेता बलदेव सिंह ने मुझे ट्रेनिंग गियर दिलवाए।

टोक्यो में पक्का पदक आएगा

– खुशबीर कहती हैं 1986 में पैदल चाल में केवल एक भारतीय एथलीट ने हिस्सा लिया था।

– लंदन ओलिंपिक के लिए 4 एथलीटों ने क्वालिफाई किया।

– रियो ओलिंपिक में पैदल चाल में और ज्यादा एथलीट हिस्सा लेंगे।

– उम्मीद यही है कि रियो नहीं तो 2020 टोक्यो ओलंपिक में पक्का पैदल चाल में पदक आएगा। मैं तब तक अपनी तैयारियां जारी रखूंगी।

 

 

कभी धूप में सिर्फ प्लेन को देखने खड़ी होती थी, अब बनी पहली महिला पायलट

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रायपुर.बचपन में आसमान में उड़ते प्लेन को घर से बाहर भागकर देखकर खुश होने वाली टि्वंकल अब खुद प्लेन उड़ाएंगी। अपनी ट्रेनिंग खत्म कर अब टि्वंकल छत्तीसगढ़ की पहली कमर्शियल पायलट बन चुकी हैं।

ट्विंकल वन विभाग में अफसर प्रभाकर नागदेवे की बेटी हैं। प्रभाकर बताते हैं कि बचपन से टि्वंकल को प्लेन का बड़ा क्रेज था। वह प्लेन को सिर्फ देखने के लिए धूप में खड़ी होकर प्लेन के गुजरने का इंतजार किया करती थी। भिलाई से स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद टि्वंकल  का सलेक्शन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में हुआ। वो कहती हैं कि प्लेन उड़ाना उसका पैशन है। उन्होंने कुछ समय तक इंस्टीट्यूट में बतौर इंस्ट्रक्टर भी काम किया। अब वो यात्री विमान उड़ाएंगी।

सिर्फ यही बन सकते हैं पायलट

फ्लाइंग के लिए सरकारी के अलावा देश में कुछ प्राईवेट ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी हैं। यहां ट्रेनिंग के बाद फ्लाइंग के लिए पहले प्राईवेट पायलट लायसेंस जारी होता है। ऐसे पायलट छोटे विमान उड़ाते हैं। पैसेंजर एयरक्राफ्ट सिर्फ कमर्शियल पायलट लाइसेंस हासिल करने वाले पायलेट्स ही उड़ा सकते हैं। इसके लिए मैथ और फिजिक्स में 12वीं में कम से कम 50 परसेंट मार्क होने चाहिए। आई साइट 6/6 वाले ऐसे पायलट जो प्राइवेट एयरक्राफ्ट उड़ाने का कम से कम 150 घंटे का एक्सपीरियंस रखते हों। उनके पास कम से कम 50 घंटे तक लीड पायलट रहने का एक्सपीरियंस भी होना चाहिए, तभी उन्हें कमर्शियल पायलट लाइसेंस दिया जा सकता है।

 

एक नजर में बजट की दस बड़ी बातें

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आम बजट में सरकार ने सभी पक्षों पर ध्यान देने की कोशिश की है। एक नजर विभिन्न सेक्टर्स से जुड़ी बजट की अहम बातों पर –

महंगा-सस्ता:बैटरी चलित कारों को छोड़ कर सभी कारें महंगी। सोने के गहने व ब्रांडेड कपड़े महंगे हुए। छोटी कारों पर 1 फीसदी सेस। एसयूवी पर 4 फीसद और डीजल गाड़ियों पर 2.5 फीसद टैक्स बढ़ा। तंबाकू और उत्पादों पर एक्साइज ड्यूटी 10-15 फीसद बढ़ी। बीड़ी छोड़ अन्य तंबाकू उत्पाद महंगे। 10 लाख से ज्यादा कीमत की कार होंगी और महंगी। 35 लाख तक के होम लोन पर 50,000 रु. की अतिरिक्त छूट, दिव्यांगों के लिए आयातित उपकरण सस्ते, सीमा शुल्क दरों में कमी, कॉर्पोरेट टैक्स को 30 फीसद से घटा कर 29 फीसद किया गया, मकान किराया छूट 24,000 की जगह 60,000 रुपए की गई।

टैक्स प्रावधान:आयकर के स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया, एक करोड़ से ज्यादा आय वालों पर सरचार्ज बढ़ा, 2 करोड़ रु. टर्नओवर टैक्स कम किया गया, 5 लाख की आय पर 3000 रुपए की अतिरिक्त छूट।

हाउसिंग:सरकारी-निजी भागीदारी में सस्ते मकानों के निर्माण को बढ़ावा, पहली बार मकान खरीदने वालों को 50 लाख से कम की खरीद पर ब्याज में रियायत, किराये पर रहने वालों को बड़ा फायदा।

स्टार्टअप्स पर जोर:स्टार्टअप्स की मदद केे लिए कंपनी कानून में सशोधन किया जाएगा। कंपनी अधिनियम में संशोधन करते हुए स्टार्ट अप्स को मदद की जाएगी। इसके लिए प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल होगा।

यातायात:आम आदमी के लिए यातायात को बेहतर बनाया जाएगा, इन्फ्रास्ट्रक्चर योजनाओं पर 2,21,000 करोड़ का खर्च।

ईपीएफ:पहले तीन साल तक कर्मचारियों का पैसा सरकार ही देगी। कर्मचारियों का पीएफ का पैसा नहीं काटेगी सरकार। ईपीएफ का दायरा बढ़ाने का सरकार ने लिया फैसला।

स्टार्टअप्स:स्किल डेवलेपमेंट के लिए 17000 करोड़ रुपए का फंड। 1500 स्किल डेवलेपमेंट सेंटर खुलेंगे। उद्यमिता विकास के लिए विशेष काम होंगे। प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना का विस्तार।

शिक्षा-बिजली:62 नए नवोदय विद्यालय स्थापित होंगे, उच्च शिक्षा के विकास के लिए नई हेफा, आम भारतीयों को उच्चस्तरीय शिक्षा के लिए स्कीम, 1 मई 2018 तक सभी गांवों में बिजली पहुंचाने का लक्ष्य।प्राथमिक शिक्षा के लिए सर्वशिक्षा योजना के लिए आबंटन बढ़ाया जाएगा।

स्वास्थ्य:डायलिसिस उपकरणों पर ड्यूटी खत्म, ग्रामीणों के लिए नेशनल डायलिसिस सेवा योजना की घोषणा। जेनेरिक दवाओं की बिक्री को बढ़ावा दिया जाएगा।

ग्रामीण विकास:ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में अहम कदम। 5 करोड़ बीपीएल परिवारों को गैस कनेक्शन दिया जाएगा, गरीब परिवारों के रसोईघरों की दशा सुधाररने के लिए 2200 करोड़ का आवंटन, ग्रामीण विकास के लिए 87765 करोड़ रुपए का आवंटन, नेशनल डिजिटल लिट्रेसी मिशन के तहत 6 करोड़ घरों को कवर किया जाएगा।

 

जज्बातों को महसूस करेगा ये सुपर कम्प्यूटर

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हाईटेक टेक्नोलॉजी के दौर में अब कम्प्यूटर इंसान की भावनाएं भी समझ लेगा। आईबीएम का दावा है कि सुपर कम्प्यूटर वाटसन अब लोगों की जज्बातों को अच्छी तरह से समझ लेगा। वह यह तक नोटिस कर लेगा कि सामने कि सामने वाला इस समय किस मूड में बैठा है।

आप सोच रहे होंगे कि कम्प्यूटर कमांड देने से भला आपका मूड कैसे समझ लेगा, लेकिन आईबीएम का यही दावा है। कंपनी का कहना है कि उसने अपने सुपर कम्प्यूटर में बड़े बदलाव किए हैं। अपडेशन से वह काफी फास्ट ट्रैकर हो गया है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी कि इंसानी जज्‍बातों को भी समझने लगा है।

इसका टोन एनालाइजर काफी ज्‍यादा इम्‍प्रूव हो गया है। अब यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस रेंज में इमोशंस को आपकी लिखाई से आपको आसानी से डिटेक्‍ट कर सकता है। यह आपके मूड को भी पूरी तरह से भांप लेगा। इस सुपर कम्प्यूटर  को वाटसन नाम दिया गया है।

आईबीएम के मुताबिक यह ऐसा कम्प्यूटर  है जो आपके द्वारा टाइप की जाने वाली लाइंस की गहराई से जांच कर लेगा। इसके बाद वह लगभग आपकी हर मंशा को बिल्‍कुल सही तरीके से एक्‍सप्रेस करने में कामयाब होगा। इसके अलावा आप इस पर काम के समय कीपैड पर जैसे प्रेस करेंगे वैसे आपको फालो कर लेगा।

 

इनके नाम पर है अंटार्कटिका में माउंट, ग्लेशियर में की थी व्हेल की गिनती

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पटना.बक्सर के NRI सांइटिस्ट अखौरी सिन्हा के नाम पर अंटार्कटिका में एक पर्वत का नाम रखा गया है। साइंस में उनके योगदान को लेकर उनके सम्मान में ऐसा किया गया है। सिन्हा 1972-74 में अमेरिकी कोस्ट गार्ड कटर्स साउथविंड और ग्लेशियरों में सील, व्हेल और पक्षियों की काउंटिंग की थी।

– मैकडोनाल्ड पर्वत श्रृंखला के साउथ पार्ट एरिकसन ब्लफ्स के दक्षिणी पूर्व छोर पर माउंट सिन्हा (990 मीटर) स्थित है।

– सिन्हा उस ग्रुप के मेंबर थे, जिन्होंने वर्ष 1972 और 1974 में बेलिंगशॉसेन और आमंडसेन समुद्री क्षेत्र में अमेरिकी कोस्ट गार्ड कटर्स साउथविंड और ग्लेशियरों में सील, व्हेल और पक्षियों की काउंटिंग की थी।

– सिन्हा ने 1954 में इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से साइंस में ग्रेजुएशन किया था।

– इसके बाद उन्होंने 1956 में पटना यूनिवर्सिटी से जू-लॉजी में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ली।

– इसके बाद उन्होंने 1956 से जुलाई 1961 तक रांची कॉलेज में जू-लॉजी डिपार्टमेंट में प्रोफेसर भी रहे।

– इसके अलावा वे यूनिवर्सिटी ऑफ मिन्नेसोटा में डिपार्टमेंट ऑफ जेनेटिक्स, सेल बायोलॉजी एंड डेवलपमेंट में सहायक प्रोफेसर भी रहे हैं।

– बताया जाता है कि 1739 में नादिर शाह के आक्रमण के बाद उनका परिवार दिल्ली से बिहार के बक्सर चला गया था।