गोला – बारूद के बिना कार्य करती है पत्रकारिता : डॉ. कुसुम खेमानी

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 भवानीपुर कॉलेज में हिंदी पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम पर दो दिवसीय कार्यशाला 
कोलकाता :   भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज में पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम  विषय पर भारतीय भाषा परिषद और ताजा टीवी के तत्वावधान में प्रथम दिन पत्रकारिता के प्रिंट मीडिया विषयों पर विचार विमर्श किया गया वहीं द्वितीय दिन सूचना प्रौद्योगिकी और संचार तकनीक संबंधी आधुनिकतम पत्रकारिता के विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। कार्यशाला काआरंभ करते हुए भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ कुसुम खेमानी ने पत्रकारिता को लोकतंत्र का ऐसा अस्त्र बताया जो गोला – बारूद के बिना समाज की आवाज सुनने वाला है। स्वाधीनता की लड़ाई में हिंदी और क्षेत्रीय भाषाओं के अखबारों के कारण ही अंग्रेजों को भारत से खदेड़ा गया। बालगंगाधर तिलक ने केसरी, महात्मा गांधी ने यंग इंडिया, हरिजन और राजाराममोहन राय ने बंगदूत आदि निकाले ।पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम आज इलेक्ट्रानिक और वेब मीडिया में हो गए हैं लेकिन पत्रकार की गुणवत्ता और अर्थवत्ता में सच्चाई होनी आवश्यक है। आज मीडिया में गलत खबरें अधिक दिन नहीं चल सकेंगी वे पानी में लहरों की तरह खत्म हो जाएंगी। लेखिका और वागर्थ पत्रिका का सफल संचालन कर रही डॉ खेमानी ने कार्यशाला की छात्रा अर्चना दीक्षित के विडियो और निखिता पांडेय की लिखी रिपोर्ट की प्रशंसा की।
अस्सी से अधिक विद्यार्थियों ने इस कार्यशाला में अॉन-लाइन भाग लिया।द्वितीय दिन कार्यशाला के अंतर्गत वेब मीडिया, स्ट्रिंमिंग सर्विस, कंटेंट राइटिंग, ब्लागर, यू-ट्यूब, फ्रीलांसिंग, पोर्टल और वेब डेवलपर आदि बहुविध  कैरियर के विभिन्न क्षेत्रों पर चर्चा हुई।
साहित्य टाइम्स और इंडिया टीवी डॉट इन के संस्थापक डायरेक्टर और भारतीय भाषा परिषद के मंत्री डॉ केयुर मजमुदार ने उन विद्यार्थियों को वेब डेवलपर के विषय में स्लाइड्स द्वारा स्ट्रिंमिंग सर्विस की जानकारी दी जो पत्रकारिता और इलेक्ट्रानिक मीडिया के महत्वपूर्ण लिंक उपलब्ध कराता है। वेब साइट, टीवी चैनल, सर्विसेज, ब्राउजर, कॉन्फ्रेंसिंग, यू-ट्यूब, जूम फेसबुक आदि से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जोड़ना वेब डेवलपर का काम है।कोडिंग, डिकोडिंग और जनसंचार संप्रेषण पर चर्चा की। आज कोरोना काल में बहुत से विद्यार्थियों के लिए कैरियर की समस्या है।
वेब पोर्टल” हमारा मीडिया” के इंटरप्रिनर गोकुल मुरारका ने व्यक्तिगत स्तर पर मीडिया में आज कैरियर के लिए अपार संभावनाएं बताईं। पोर्टल पर फेक न्यूज आदि न देकर अच्छा कार्य किया जा सकता है, सोश्यल मीडिया से जुड़ने का अच्छा मौका बताया।
शुभजित डॉट कॉम की संस्थापक और इंटरप्रिनर महिला वरिष्ठ पत्रकार सुषमा त्रिपाठी सन्मार्ग, सलाम दुनिया आदि हिंदी अखबारों में काम कर चुकी हैं। वेब मीडिया पर स्लाइड्स द्वारा विस्तार से जानकारी देते हुए बताया कि ऑनलाइन किस तरह वेब पोर्टल व्यवसाय में परिवर्तित हो जाता है। पत्रकार की भाषा अच्छी होनी चाहिए भले ही अॉन-लाइन लिखे। कंटेट वही हैं जो प्रिंट मीडिया में होते हैं। वेबसाइट परंपरागत पत्रकारिता का आधुनिक रूप है बिना नींव के छत नहीं बनती। वेब साइट युवाओं को साहित्य व्यवहार और उद्यम की ओर प्रेरित करती है।
जूनुनी फितुर ब्लॉगर लिखने वाली पीहू पापिया प्रभातखबर दैनिक पत्र से जुड़ी थीं, अब अपने ब्लॉग पर ज्वलंत विषयों पर व्यवसायिक रूप से जुड़ी हैं। फ्रीलांसिंग से कोई भी विषयों पर लिखा जा सकता है। ऐनालिटक और फेक्ट ओरियंटेड कंटेंट राइटिंग लिखने वालों की पूछ होती है चाहे किसी भी विषय पर किसी भी भाषा में लिखा जा सकता है उसे आजीविका का साधन बनाया जा सकता है।वीडियो द्वारा यूनिकोड के प्रयोग को स्पष्ट किया।
भवानीपुर कॉलेज की प्रो मीनाक्षी चतुर्वेदी ने इस कार्यशाला पर एक छोटे वीडियो में विद्यार्थियों को आमंत्रित किया। कार्यशाला को तकनीकी रूप से सफल बनाने में गौरव किल्ला, अदिति सिनोलिया, साक्षी जैन, दिव्या ऊडीशी का सप्रयास रहा। भारतीय भाषा परिषद की विमला पोद्दार, भवानीपुर कॉलेज के डीन प्रो दिलीप शाह ने भविष्य में पत्रकारिता में विद्यार्थियों के लिए संभावनाओं का क्षेत्र बताया । दो दिवसीय कार्यशाला की संयोजक डॉ वसुंधरा मिश्र ने भारतीय भाषा परिषद की अध्यक्ष डॉ कुसुम खेमानी, ताजा टीवी के डायरेक्टर विश्वंभर नेवर को धन्यवाद दिया जिन्होंने भवानीपुर एडुकेशन सोसाइटी कॉलेज में पत्रकारिता और जनसंचार माध्यम पर कार्यशाला में अपना पूर्ण सहयोग दिया। सभी विद्यार्थियों को ई – सर्टिफिकेट प्रदान किए गए। कार्यशाला की सूचना डॉ वसुंधरा मिश्र ने दी।

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