आप अडिग रहे तो आपको सफलता जरूर मिलेगी

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स्मिता श्री चौधरी सॉल्टलेक स्थित मिरेन क्लब की सह संस्थापक हैं। यह क्लब उभरते हुए उद्यमियों से लेकर कॉरपोरेट के साथ काम कर रहा है और जगह की समस्या को आसान कर रहा है। शी इवेन्ट्स के साथ शुभजिता ओजस्विनी से मुलाकातों का सिलसिला जारी रहेगा…आपके लिए यह पहली कड़ी –

साल भर पहले शुरू किया मिरेन क्लब
मिरेन क्लब की सह संस्थापक हूँ। मध्यमवर्गीय परिवार से हूँ। सॉल्टलेक में बचपन गुजरा… जादवपुर विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और फिर सिम्बॉयसिस से बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन की डिग्री ली। मैं पढ़ाई के साथ ही नौकरी कर रही थी। एमबीए की पढ़ाई पूरी करने के लिए नौकरी छोड़ी…इस बीच शादी हो गयी और जब मेरे बच्चे का जन्म हुआ तो उसकी देखभाल के लिए पूरी तरह ब्रेक लिया। अब जब वह 4 साल का हो गया है तो साल भर पहले ही मिरेन क्लब शुरू किया….मैं इसकी सह संस्थापक हूँ।

वर्क फ्रॉम होम…समय की माँग है
बचपन से ही मुझे बहुत कुछ करना था…नौकरी कर रही थी…पर इच्छा थी कि मुझे अपनी बॉस बनना है….मेरा अपना कुछ हो तो हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र में मेरी रुचि है तो हमने मिरेन क्लब शुरू किया। यहाँ हमारी विभिन्न गतिविधियों के लिए जगहें हैं…जहाँ सेमिनार से लेकर कार्यशालाओं व अन्य कार्यक्रमों के लिए किराये पर जगहें देते हैं। पिछले साल जनवरी में शुरू किया था मगर हम सब जानते हैं कि कोविड – 19 के दौरान मार्च में सब ठप हो गया…सितम्बर से हमने वर्चुअल प्रदर्शनियाँ शुरू की..जहाँ उभरते हुए उद्यमियों का काम मिरेन क्लब के जरिए सामने लाया गया। इसके बाद धीरे – धीरे काम आगे बढ़ा…वर्क फ्रॉम होम…समय की माँग है।

 

कॉरपोरेट के साथ काम कर रही हूँ
मिरेन क्लब की स्थापना के पीछे मेरे परिवार का पूरा प्रोत्साहन है…मेरे पति से भी काफी प्रोत्साहन मिला…हालांकि घर से काम करना लोग पसन्द कर रहे हैं पर उम्मीद है कि यह समय भी गुजरेगा…हम इस समय कई संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। एक सेमिनार हॉल भी है जहाँ कॉरपोरेट कम्पनियों के कार्यशालाओं के लिए साझेदारी हो रही है।

मेरी माँ मेरे लिए माँ दुर्गा हैं
मेरी प्रेरणा मेरी माँ हैं। 12 साल की उम्र में मैंने अपने पिता को खो दिया था। तब मेरी दीदी ने बेहद कम उम्र में घर की जिम्मेदारियाँ सम्भाली…मगर परिवार की मुखिया के रूप में मेरी माँ जिस मजबूती से खड़ी रहीं और जिस तरह उन्होंने हर जिम्मेदारी सम्भाली, वह मुझे काफी प्रेरित करती है और अभी जब मैं खुद एक माँ हूँ तो मुझे समझ में आता है कि यह उनके लिए कितना कठिन रहा होगा। मेरी माँ मेरे लिए माँ दुर्गा है जो बगैर शिकायत के सब कुछ सम्भाल लेती हैं।

आप अडिग रहे तो आपको सफलता जरूर मिलेगी
उम्मीदें न छोड़ें और लगातार चलते रहें…बहुत से लोग बहुत तरह की बातें करेंगे और आपको डराएंगे पर आप अडिग रहे तो आपको सफलता जरूर मिलेगी।

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