ज्योतिषी भाग्य वक्ता होता है, भाग्य विधाता नहीं

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मुम्बई की रहने वाली सुनीता सुराना एक साथ कई क्षेत्रों मे सक्रिय हैं। वे नेचुरोपैथी डॉक्टर और ज्योतिषी हैं मगर उनको रसोई और ग्राफिक्स दोनों का शौक है। युग्म ऐस्ट्रो कन्सल्टेंसी और क्रेजी फॉर चॉकलेट्स की प्रमुख सुनीता सुराना से शुभजिता की बातचीत हुई, पेश हैं प्रमुख अंश –

अपने बारे में बताइये?

मेरा नाम सुनीता सुराना है। मैं एक नेचुरोपैथी डॉक्टर हूँ। 9 साल से ज्योतिष और वास्तुशास्त्र का अभ्यास कर रही हूँ।

आप ज्योतिषी हैं, यहाँ महिलाएं कम हैं, आपका अनुभव कैसा रहा?

सही है ज्योतिष के क्षेत्र में महिलाएं बहुत काम हैं। हालांकि टैरो कार्ड्स पढ़ने के क्षेत्र में बहुत महिलाएं हैं पर वैदिक ज्योतिष और वास्तु के क्षेत्र में महिलाएं कम दिखती हैं। बतौर महिला इस क्षेत्र में मुझे अपनी पहचान बनाने में वक़्त लगा लेकिन सटीक भविष्यवाणी एवं लोगो की समस्याओं के प्रति सफतापूर्वक किए गए बदलावों ने रास्ते सुगम बना दिए।
वास्तु और कुंडली एक दूसरे की पूरक हैं।

ज्योतिष में विज्ञान और अन्ध विश्वास को लेकर संशय है?

अंकशास्त्र भी कहीं कहीं पर व्यक्ति को पहचानने में मदद करता है। पर मेरा अनुभव कुंडली और वास्तु को एक साथ लेकर चलने में सटीक रहा। कभी कभी एक दूसरे के अभाव में भविष्यवाणी सही नहीं बैठती। यह सत्य है कि आज भी कुछ लोग ज्योतिष को अन्धविश्वास मानते हैं। पर मैं अपने अनुभव से यह दावे के साथ कह सकती हूं कि यह सत्य है। सही गणना करने पर मनुष्य के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन किए जा सकते हैं। उनकी तकलीफों को कम किया जा सकता है।

 ज्योतिष क्या भाग्यवाद सिखाता है?

ज्योतिषी भाग्य वक्ता होता है भाग्य विधाता नहीं। एक सुयोग्य ज्योतिषी जीवन के अंधेरे रास्तों में रोशनी डाल सकता है। आने वाली समस्याओं से अवगत करा कर आपको उनसे लड़ने की क्षमता प्रदान करता है।

आप किस तरह से काम करती हैं और कौन सी पद्धति आपको प्रिय है?

एक सफल ज्योतिषी बनने के लिए ध्यान यानी मेडिटेशन अहम भूमिका निभाता है। सुबह 5 बजे ध्यान लगाना मैं कभी नहीं भूलती। यही वजह है कि अपने कार्य के साथ साथ अपनी रुचि जैसे खाना पकाना और ग्राफिक्स डिजाइनिंग को भी समय दे पाती हूं जो मुझे खुशी देता है या यूँ कहें स्वयं से मिलवाता है। सुकून मिलता है।

आपकी भावी योजना क्या है?

इतने वर्षों के कार्य के बाद एक इच्छा ने जन्म लिया है कि हमारे भारत देश में कोई भी व्यक्ति वास्तु की जानकारी के अभाव में किसी तकलीफ में ना रहे। मैं सभी भाई बहन को उनके जीवन की प्राथमिक वास्तु से जुड़ी समस्याओं से दूर करना चाहती हूं।

आपकी भावी योजना क्या है?

मैं शुभजिता के सभी पाठकों से निवेदन करना चाहती हूँ अपने जीवन की मूल समस्या को ढूंढ कर उसका निवारण करें न किउसके साथ रहने की आदत डालें। अगर आपको समस्या पता है तो उसका निवारण भी है। उसे ढूंढे और खुशहाल जीवन व्यतीत करें।

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